घरेलु गैस का गोरखधंधा: चोरी-चपाटी’ रिफलिंग की लूट,करती अडीबाज पत्र कारो की गैंग
Anam Ibrahim
7771851163
Ps पीपलानी
*घरेलु गैस पर मची ‘चोरी-चपाटी’ रिफलिंग की लूट, लूटेरा कौन? अडीबाज पत्रकार या अफसर जुम्मेदार?।*
*BBC OF INDIA, .COM*
National News Network
गैस पर चल रही ‘चोरी-चपाटी’ की रिफलिंग की दास्तान,

*Bhopal/Mp:*
भोपाल के पिपलानी इलाके में ‘गैस और ग़ैरत’ दोनों का धुआँ उड़ाने वाला एक नया कांड सामने आया है। गुप्ता कॉलोनी के ‘गैस टैंक मास्टर’ दिनेश परमार की आवैध रिफलिंग की मंडी पर पुलिस ने छापा मारा और पूरे मोहल्ले की खिचड़ी में जलन का माहौल पैदा कर दिया।
*मुखबिर का ख़ास इनाम:*
मोहल्ले के ‘जासूस भाई’ यानी मुखबिर ने पुलिस को भनक दी कि गुप्ता कॉलोनी में गैस सिलेंडर को छोटा और बड़ा करने का खेल जारी है। पुलिस मौके पर पहुँची और दिनेश परमार को रंगे हाथों दबोच लिया। पूछताछ में उसने अपने इस ‘साइंस प्रोजेक्ट’ का खुलासा किया। न न, लाइसेंस-वाइसेंस का तो सवाल ही नहीं था। भाई साहब घरेलू सिलेंडर से छोटे सिलेंडर में गैस भरकर, आग लगने की दावत दे रहे थे।
*'उधारी गैस', नकद वसूली:*
पुलिस ने मौके से इण्डेन, एचपी और भारत गैस के कुल 20 सिलेंडर बरामद किए, जिनकी कीमत ₹50,000 आँकी गई। इस माल का एक हिस्सा भरा हुआ था और बाकी आधा-अधूरा, जैसे दिनेश की अक्ल।
*पत्रकार या अडीबाज 'पत्र-मार':*
इस गोरखधंधे में कुछ नामी-गिरामी 'पत्रकार' भी हैं, जो असली पत्रकारिता छोड़कर उधारी की कमाई पर जमे हुए हैं। ये लोग 'न्यूज़' नहीं, 'रिव्यूज़' बेचते हैं। अफसरों की मिलीभगत से दिनेश जैसे कारोबारी पूरे बेफिक्री से अपना धंधा चलाते रहे, जब तक पुलिस ने बाजी न पलट दी।
*आख़िर में:*
दिनेश परमार की गिरफ्तारी के बाद मोहल्ले में सन्नाटा है। लोग सोच रहे हैं कि गैस रिफलिंग का यह धंधा ‘गुप्त’ ही रहता, अगर मोहल्ले का मुखबिर न होता। उधर, पुलिस इस उपलब्धि पर अपनी पीठ थपथपाने में व्यस्त है।
*हिदायत:*
गैस पर ‘गुलछर्रे’ उड़ाने वालों से सावधान रहें। कहीं ऐसा न हो कि आपकी चाय की भाप के साथ पूरा मोहल्ला उड़े।
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