मप्र देवास में किसानों का अनाज़घर WareHouse बना बारूद का Illegal कारखाना!!
मप्र देवास में किसानों का अनाज़घर WareHouse बना बारूद का Illegal कारखाना!!
Anam Ibrahim
Journalist
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टोंक कलां Blast पर Jitu Patwari ने Mohan Raj को “Barood Mafia का Political Godown” बताया
सरकारी WareHouse में Illegal पटाखा Factory, Minor Labour, पुराने Fire Cases और प्रशासनिक सिले हुए लबों पर Congress का ज़हरीला हमला “मप्र में अब मौत भी Permission लेकर नहीं, Protection लेकर चलती है।”
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देवास/मप्र: देवास
टोंक कलां में हुआ धमाका सिर्फ एक पटाखा फैक्ट्री का विस्फोट नहीं था। वह उस सरकारी सिस्टम का फटना था जिसने किसानों के अनाज रखने की जगह को बारूद के कारोबारियों के हवाले कर दिया। खेतों के पसीने के लिए बने WareHouse में मौत का सामान जमा होता रहा और हुकूमत फाइलों पर विकास के भाषण लिखती रही।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Jitendra Patwari हादसे के बाद देवास पहुँचे तो उनका लहज़ा साफ़ था मुलायम सियासत वाला नहीं, सीधे वार करने वाला। उन्होंने मोहन सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि “मध्यप्रदेश अब Mafia Raj की खुली प्रयोगशाला बन चुका है। रेत माफिया, खनन माफिया, शराब माफिया के बाद अब Barood Mafia भी सरकारी Protection में इंसानों को राख बना रहा है।”
पटवारी ने आरोप लगाया कि जिस सरकारी अनुबंधित WareHouse में किसानों का अनाज रखा जाना था, वहां Illegal Firecracker Factory Operate की जा रही थी। यानी सरकार के रिकॉर्ड में शायद गेहूं रखा था, मगर ज़मीन पर बारूद पक रहा था। उन्होंने कहा कि यह हादसा नहीं, “Political Negligence का Explosive Result” है।
कांग्रेस का दावा है कि इलाके में पहले भी कई बार आग लगने की घटनाएं हुईं। ग्रामीण शिकायत करते रहे, मगर प्रशासन की आंखें शायद सत्ता की तरफ लगी थीं, इसलिए टोंक कलां का धुआँ उन्हें कभी दिखाई नहीं दिया। अब Blast के बाद वही अफसर बयान दे रहे हैं, जो पहले शिकायतों पर धूल डालते रहे।
सबसे संगीन सवाल Minor Children को लेकर उठाया गया। आरोप है कि फैक्ट्री में नाबालिग बच्चों से खतरनाक काम कराया जा रहा था। जिन हाथों में स्कूल बैग होने चाहिए थे, वे बारूद भर रहे थे। और System? वह हमेशा की तरह हादसे के बाद “Inquiry” का बोर्ड लेकर पहुंचा।
पटवारी ने मुख्यमंत्री Mohan Yadav पर सीधा तंज कसते हुए कहा “मप्र में अब कानून कम, संरक्षण ज्यादा चलता है। Mafia को License की जरूरत नहीं पड़ती, उन्हें Political Signal मिल जाता है।”
प्रदेश कांग्रेस ने High Level Judicial Inquiry की मांग करते हुए कई तल्ख सवाल खड़े किए हैं
आखिर किसानों के WareHouse में पटाखा Factory किसके इशारे पर चल रही थी?
पुरानी शिकायतों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
License किसके नाम था और कारोबार कौन चला रहा था?
क्या Back Date में Renewal हुआ?
और सबसे बड़ा सवाल मौत के इस कारोबार के पीछे कौन-सा सफेदपोश खड़ा है?
देवास की मिट्टी में अभी भी बारूद की गंध तैर रही है। मगर उससे ज्यादा जहरीली वह सियासत है, जिसमें हादसे पहले होते हैं और जिम्मेदार बाद में गायब हो जाते हैं। टोंक कलां अब सिर्फ एक Crime Scene नहीं वह मप्र की उस राजनीति का जलता हुआ सबूत बन चुका है, जहाँ किसान का अनाज नहीं बचता, मगर माफियाओं का कारोबार हमेशा सुरक्षित रहता है।
admin