जबलपुर हाईवे को एयरपोर्ट समझने वालों पर इंटरसेप्टर का ब्रेक, रफ्तार बनी जुर्म, कैमरा बना गवाह!

जबलपुर हाईवे को एयरपोर्ट समझने वालों पर इंटरसेप्टर का ब्रेक, रफ्तार बनी जुर्म, कैमरा बना गवाह!

जबलपुर हाईवे को एयरपोर्ट समझने वालों पर इंटरसेप्टर का ब्रेक, रफ्तार बनी जुर्म, कैमरा बना गवाह!

Anam Ibrahim 

Journalist 

7771851163

हाईवे पर रफ्तारबाज ड्राइवरो की हीरोपंती की निकली हवा, 141 चालकों पर चालान की मार........

इंटरसेप्टर बिना शोर का शिकारी।

 BBC_OF_INDIA 

 

Jabalpur/Mp: जनाब, जबलपुर के कुछ ड्राइवरों ने सड़क को ऐसा पकड़ा जैसे ये हाईवे पर ‘उड़ने’ निकले थे साहब, इंटरसेप्टर ने ज़मीन दिखा दी 141 रफ्तारबाजों की अकड़ हवा! निजी रेसिंग ट्रैक हो 

मगर सामने इंटरसेप्टर खड़ा था बिना शोर का शिकारी। जी हां 

पुलिस अधीक्षक कप्तान सम्पत उपाध्याय के फरमान पर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात अंजना तिवारी की निगरानी में, उन जगहों पर नज़र गाड़ी गई जहाँ तेज रफ्तार ने पहले भी खेल बिगाड़ा था।

इंटरसेप्टर व्हीकल उतारा गया

हाई पावर कैमरे से लैस,

दिनरात, हर मौसम में ऑन ड्यूटी।

अब जो भी ज़रा और रफ़्तार दबा के निकला

सीधा कैमरे में होगा कैद। बहरहाल जबलपुर मे 

कुल 141 वाहन चालक तेज गति में पकड़े गए। जिन पर पुलिस ने 

मोटर व्हीकल एक्ट की दफ़ा 112/183। के तहत मुकदमा क़ायम किया साथ ही रफ्तारबाज़ो से बतौर चालन 

₹1,41,000 का समन वसूला गया।

लाइसेंस निलंबन यानी अब थोड़ा आराम करो साहब।

स्पीड इतनी क्यों ?

मंज़िल भाग रही है या आप खुद से भाग रहे हो?

सड़क पर लिखा रहता हैv“धीरे चलें, सुरक्षित रहें”

और हम पढ़ते हैं “देखते हैं कितना तेज और जा सकती है!”

खैर ख़बरों के इस कारोबार मे अफ़सोस होता है साहब की सड़क हादसों पर हज़ारों जुमले बतौर नसीहत ख़बर बना दी लेकिन लापरवाह सवारों के कानो मे जु तक नही रेंगती 

इन बेखबरों को क़्या ख़बर की उनकी ज़िन्दगी उनके अपनों के लिए कितनी क़ीमती है, जाने दे अनम कहां लगा है आख़िर जान ही तो है झटके मे मरजा और अपनों को ज़िंदा किस्तों पर मरने के लिए छोड़ दे